शोकफ के डोरंडा कॉलेज सेंटर के कराटेकार हुए सम्मानित

रांची-बिते दिन खूंटी जिला में 2ND SKAJ ओपेन कराटे चैम्पियनशिप 2018 का आयोजन किया गया था . जिममे शोतोकान कराटे डो फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के डोरंडा कॉलेज कराटे प्रशिक्षण केंद्र के कराटेकारो ने चैम्पियनशिप 2018 में शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण , दो रजत, प्राप्त किया था .

राज्यपाल ने हेमंत सोरेन को झारखंड का मुख्यमंत्री किया मनोनीत, सरकार गठन के लिए किया आमंत्रित

विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मंगलवार की रात महागठबंधन के नेता हेमंत सोरेन की ओर से राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के पास दावा पेश किया गया था. दावा पेश करने के बाद बुधवार को राज्यपाल की ओर से हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री मनोनीत करते हुए सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया है.

रांची के आड्रे हाउस को अब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी स्मृति भवन के नाम से जाना जायेगा- रघुवर दास

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वीं जयंती के अवसर पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू एवं मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मोरहाबादी के बापू वाटिका स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किये.

This is default featured slide 4 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

This is default featured slide 5 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

Showing posts with label हेल्थ. Show all posts
Showing posts with label हेल्थ. Show all posts

Sunday, December 31, 2023

दोनों पैरों को बराबर करने का हुआ सफल इलाज

 देबुका अस्पताल में डॉ. सुरेश प्रसाद देबुका व डॉ. एकांश देबुका की निगरानी में दोनों पैरों को बराबर करने का हुआ सफल इलाज

रिपोर्ट- विनय कुमार

रांची। देबुका अस्पताल में एक 19 वर्षीय युवक के टूट चुके हड्डी का सफल ऑपरेशन कर इलाज किया गया। मरीज का दोनों पैरों को बराबर करने का उपचार डॉ. सुरेश प्रसाद देबुका व डॉ. एकांश देबुका की निगरानी में किया गया। डॉ. एकांश देबुका ने शनिवार को अपने अस्पताल में पत्रकारों को बताया कि संदीप मुंडा, उम्र 19 वर्ष एक गरीब युवा पुरुष, तामार का रहने वाला है। जिसकी बायीं जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था। जिसके बाद दुर्भाग्य से गांव में 5 महीने से अधिक समय तक उचित इलाज व प्रबंधन के आभाव में उसके पैर की हड्डी सही से नहीं जुड़ पायी। जिसके कारण वह सही से नहीं चल पा रहा था। परिणामस्वरूप, वह विकलांग हो गया व चलने में असमर्थ हो गया। क्योंकि प्रभावित बायां पैर 5 इंच से अधिक छोटा हो गया था। जब वह डॉ. एकांश देबुका से मिला तो रोगी को जोखिमों व शुल्कों के बारे में बताया गया था, लेकिन खराब आर्थिक पृष्ठभूमि के कारण वह बुनियादी शुल्क भी वहन करने में असमर्थ था। परिणामस्वरूप उसकी स्थिति को देखते हुए डॉ. एकांश ने उसकी आर्थिक मदद करते हुए निःशुलक सर्जरी किया। सर्जरी देबुका हॉस्पिटल में 27/12/2023 को हुआ। जो लगभग 4 घंटे चली। डॉ. एकांश ने बताया कि इस सर्जरी में काफी चीजों का ख्याल रखा गया व काफी बारीकियों से सर्जरी किया गया। सर्जरी के बाद वह अब एक पैर को सामान्य लंबाई में लाने व फिर से चलने में सक्षम हो गया है।

दोनों पैरों को बराबर करने का हुआ सफल इलाज

डॉ. एकांश देबुका ने कहा कि ऐसे अन्य जरूरतमंद लोगों तक यह संदेश फैलाने में हमारी मदद करें ताकि वे भी हमारे अस्पताल में देखभाल व उपचार से लाभान्वित हो सकें। 

सर्जरी के बाद देबुका हॉस्पिटल के फ़िज़ियोथेरेपिस्ट डॉ. दिनेश ठाकुर व डॉ. ज्योति ने संदीप का फिजियोथेरेपी कराया। जिसके कारण मरीज फिर से चलने फिरने लगा। इसके मांसपेसियों में ताकत व जोड़ों का रेंज ऑफ मोशन में सुधार हुआ है। अब मरीज वाकर के साथ चलने फिरने में सक्षम है।

डॉ. सुरेश प्रसाद देबुका ने कहा कि हमें गर्व है कि देबुका हॉस्पिटल परिवार में अपने अत्याधुनिक संसाधनों के साथ मरीजों को सर्वोत्तम व सही इलाज एक उचित दर पर हमेशा से दे रही है और आगे भी तत्पर रहेगी।

Share:

Monday, February 18, 2019

रिम्स का अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर बनकर तैयार / Rims ready to be the state-of-the-art Trauma Center

रांची- रिम्स का अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर बनकर तैयार हो गया है। रिम्स प्रबंधन इसे 15 दिन के भीतर हैंडओवर ले लेगा। ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. आरएस शर्मा ने बताया कि वे सेंटर को हैंडओवर लेने के लिए तैयार हैं। जो कमियां हैं, उसे धीरे-धीरे खत्म कर लिया जाएगा। ट्रॉमा सेंटर के लिए आवश्यक मशीनों की सूची भी तैयार कर ली गई है।ट्रॉमा सेंटर में बेड लगा दिए गए हैं। मशीनों की खरीद के साथ ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। डॉ. आरएस शर्मा ने सेंटर में गार्ड की तैनाती और ऑफिस खोलने के लिए रिम्स प्रबंधन को पत्र लिखा है।




एम्स की तर्ज पर किया जाएगा विकसित
रिम्स के ट्रॉमा सेंटर को एम्स की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। कई और सुविधाएं भी मिलेंगी। इसे अत्याधुनिक तकनीक लैस किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर एक साथ दर्जनों मरीज का इलाज हो सके।

भवन जुड़ा है मुख्य भवन से
ट्रामा सेंटर भवन को रिम्स के मुख्य भवन से जोड़ा गया है, ताकि मरीजों को भर्ती करने व अन्य जांच के लिए मरीज ले जाया जा सके। मरीजों की सुविधा को देखते हुए एक ओवरब्रिज का निर्माण किया गया है। दरअसल दोनों भवनों के बीच 40 फीट की सड़क है, इसलिए दोनों भवनों को जोड़ा गया है।

50 बेड ट्रॉमा और 50 बेड इमरजेंसी वार्ड के लिए सुरक्षित
100 बेड वाले ट्रॉमा सेंटर में राज्य में दुर्घटना के शिकार मरीजों को तत्काल चिकित्सा मिलेगी। यहां 50 बेड ट्रॉमा के मरीजों के लिए होंगे और 50 बेड इमरजेंसी वार्ड के लिए। भवन में चार तल्ले हैं। पहले तल्ले पर इमरजेंसी के मरीजों का इलाज होगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें भर्ती किया जाएगा। भर्ती ऊपर के तल्ले पर किया जाएगा। मरीजों की सर्जरी के लिए ओटी की व्यवस्था होगी। जल्द ही उपकरणों की खरीदारी होगी, इसके बाद उन्हें ट्रॉमा सेंटर में इंस्टॉल किया जाएगा। ट्रॉमा सेंटर की टीम बिलकुल अलग होगी। टीम में न्यूरो सर्जन, फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थीसिया सहित अन्य चिकित्सकों की टीम होगी, जो हमेशा अलर्ट रहेगी। 
Share:

Saturday, December 8, 2018

ब्लड बैंकों की लापरवाही ने पांच बच्चों को बनाया HIV पॉजिटिव

रांची- ब्लड बैंकों की लापरवाही ने झारखंड के आठ बच्चों के जीवन में जहर घोल दिया है। ये बच्चे थैलेसीमिया का इलाज कराने रांची के डे केयर सेंटर पहुंचे थे। इस दौरान संक्रमित खून चढ़ाने के कारण इनमें पांच बच्चे एचआईवी के शिकार हो गए हैं, जबकि तीन को हेपेटाइटिस सी (एचसीवी) ने अपनी जद में ले लिया है। 

रांची में डे केयर का उद्घाटन 25 जुलाई को इसी वर्ष हुआ है। तब से यहां इलाज कराने थैलेसीमिया के 129 मरीज आए हैं। इनमें से आठ संक्रमित पाए गए हैं। इन बच्चों के माता-पिता नेगेटिव हैं। उन्हें किसी प्रकार का संक्रमण नहीं है। सिर्फ संक्रमित खून चढ़ाने के कारण बच्चों के साथ यह ज्यादती हुई है। जरूरत के अनुसार इन बच्चों को समय-समय पर ब्लड बैंक से खून लाकर चढ़ाया गया। इसी दौरान जब इन बच्चों की जांच की गई तो पांच बच्चे एचआईवी एवं तीन एचसीवी से संक्रमित पाए गए। एचआईवी पॉजिटिव पाए गए इन पांच बच्चों में दो रांची, दो झालदा (एक की मौत) एवं एक हजारीबाग का है। छह वर्ष के एक पॉजिटिव बच्चे की मौत हो चुकी है। एचसीवी पॉजिटिव पाए गए तीनों बच्चे रांची जिले के हैं। इनकी औसत उम्र 08 से 13 साल है। 

सदर अस्पताल रांची के  नोडल अफसर, ब्लड बैंक डॉ. बिमलेश सिंह ने कहा, 'एचआईवी एवं एचसीवी से संक्रमित बच्चों के माता-पिता की जांच में वे नेगेटिव पाए गए हैं। मतलब साफ है कि उन्हें एचआईवी एवं एचसीवी का संक्रमण नहीं है और बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाया गया है। राज्य में ऐसे बच्चों की संख्या सैकड़ों में होगी। ब्लड बैंकों एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन की लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में बच्चे जानलेवा बीमारी के शिकार हो सकते हैं। इसकी जांच आवश्यक है।

 रांची डे केयर संचालक अतुल गेरा के अनुसार, राज्य के विभिन्न अस्पतालों में थैलेसीमिया पीड़ित सैकड़ों मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। राज्यभर में यदि जांच कराई जाए तो इस तरह के संक्रमण के सैकड़ों मामले सामने आ सकते हैं। यह एक गंभीर मामला है।  
Share:

Sunday, November 18, 2018

19 नवंबर को सीबीआइ के दिल्ली कोर्ट में पेशी, डॉक्टरों ने कहा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल होने के लिए फिट नहीं लालू

रांची -रिम्स के पेेइंग वार्ड में भर्ती लालू प्रसाद 19 नवंबर को सीबीआइ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश नहीं हो पायेंगे. उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान स्थिति के हिसाब से  लालू प्रसाद यात्रा के लिए फिट नहीं हैं. रिम्स प्रबंधन को  इसकी सूचना इलाज कर रहे डॉ उमेश प्रसाद ने दे दी है.   
 
 जेल अधीक्षक अशोक कुमार चौधरी ने रिम्स प्रबंधन को पत्र भेज कर कहा था कि लालू प्रसाद को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सीबीआइ के दिल्ली कोर्ट में पेश होना है. ऐसे में जेल या जहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा है, वहां भेजा जाये. 
 
इसी के आधार पर रिम्स प्रबंधन ने इलाज कर रहे डॉक्टरों से उनके भेजने की अद्यतन स्थिति की जानकारी मांगी थी.  सूत्रों की मानें, तो जेल प्रबंधन को बताया गया है कि लालू प्रसाद के दायें पैर में घाव हो गया है.  इसलिए वह चल नहीं पा रहे हैं. शुगर लेवल बढ़ा हुआ है. तीनों वक्त इंसुलिन चल रहा है. ऐसी स्थिति में उनके लिए यात्रा करना हितकर नहीं है. 
 
इधर, पैर के  घाव ने लालू प्रसाद को परेशानी में डाल दिया है. चलने में उन्हें  दिक्कत हो रही है. वे किसी के सहारे ही   दैनिक कार्य के लिए शौचालय तक पहुंच पा रहे हैं. इलाज कर रहे यूनिट इंचार्ज  प्रोफेसर  डॉ उमेश प्रसाद ने बताया कि घाव बड़ा रूप ले लिया है. 
 
संक्रमण लेवल भी बढ़ गया है. इस कारण किडनी का फंक्शन भी प्रभावित हुआ है. घाव को सुखाने के लिए एंटीबायोटिक दिया जा रहा है. उम्मीद है कि जो दवाएं दी जा रही हैं, उससे घाव सुख जाये. अभी रेफर करने की नौबत नहीं है. हम स्थिति पर नजर रखे हुुए हैं.       
 
बिरसा मुंडा जेल से एक पत्र अधीक्षक का आया था, जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल कराने की बात कही गयी थी, लेकिन इलाज कर रहे डॉक्टरों ने रिपोर्ट दी है कि लालू प्रसाद जाने की स्थिति में नहीं हैं. डॉक्टरों की रिपोर्ट को जेल प्रबंधन के पास भेज दिया गया है. 19 नवंबर को पेशी कराने का आदेश मांगा गया था.  
डॉ विवेक कश्यप, अधीक्षक, रिम्स 
Share:

Wednesday, October 3, 2018

समाज के असली हीरो चिकित्सक -मुख्यमंत्री

रांची-झारखंड मंत्रालय में आयुष्मान भारत-जन आरोग्य योजना व मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्यान्वयन व प्रगति की समीक्षा मुख्यमंत्री द्वारा किया गया . इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा की  समाज में असली हीरो चिकित्सक हैं। उन्हें भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है। लोगों की इस भावना को ठेस न लगे, इसका ध्यान सभी को रखना है। अपने ज्ञान का उपयोग गरीब व जरूरतमंद की भलाई के लिए करना चाहिए। स्वस्थ भारत, स्वस्थ झारखंड, स्वस्थ जिला हम सभी की जिम्मेवारी है। आयुष्मान भारत केवल सरकारी अभियान नहीं है। यह करोड़ों गरीबों की सेवा का एक अवसर है।


झारखंड को पूरे देश में मॉडल राज्य के रूप में विकसित करना-मुख्यमंत्री 

उन्होंने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। किसी भी बड़े काम की शुरुआत में परेशानी आती है। आलोचना भी होगी। उस आलोचना को सीख के रूप में लेते हुए लगातार सुधार करते हुए आयुष्मान भारत योजना में झारखंड को पूरे देश में मॉडल राज्य के रूप में विकसित करना है। इसकी शुरुआत यहां से होने के कारण हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
 सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच प्रतिस्पर्द्धा-मुख्यमंत्री 
उन्होंने कहा कि इस योजना के लांच होने के बाद सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच प्रतिस्पर्द्धा होगी। हमें इसमें अग्रणी रहना है। चिकित्सकों को चाहिए की वे सेवाभाव से गरीबों का इलाज करें। इससे गरीबों की आशीष के साथ सुकुन की नींद भी मिलेगी। सिविल सर्जन हर सप्ताह अपनी टीम के साथ बैठकर योजना की प्रगति और कार्यान्वयन में आ रही परेशानी के बारे में चर्चा करें। अपने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को हम कैसे सबसे बेहतर बना सकते हैं, इस पर काम करना है। अपने सरकारी अस्पतालों को पेशेवर अस्पताल बनाना है। इसके लिए हमें अपनी कार्यपद्धति में बदलाव लाना होगा। मरीजों के इलाज के साथ साथ उनके प्रति अच्छा व्यवहार भी जरूरी है। लोगों को सरकारी अस्पतालों की तरफ आकर्षित करना है।

 बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि रिम्स समेत राज्य के प्रमुख अस्पतालों में बीमा कंपनी द्वारा एक अलग व्यवस्था की जाये, जहां किसी भी परेशानी की स्थिति में एक नोडल अधिकारी निपटारे के लिए रहे। स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव  निधि खरे ने बताया कि झारखंड में अब तक 414 निजी व सरकारी अस्पताल इस अभियान से जुड़ चुके हैं। आनेवाले समय में और अस्पताल जोड़े जायेंगे। इस दौरान एनएचएम के प्रबंध निदेशक कृपानंद झा, झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक  दिव्यांशु झा, रिम्स निदेशक रमेश श्रीवास्तव, नेशनल इंश्योरेंस के क्षेत्रीय प्रंबधक  जीपी पिंटे, सभी जिलों के सिविल सर्जन समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
Share:

Monday, October 1, 2018

राज्यपाल ने स्वच्छता ही सेवा- 2018 के तहत सब्जी मार्केट में सफाई अभियान

 राँचीराज्यपाल ने स्वच्छता ही सेवा- 2018 के तहत राज भवन के गेट नम्बर 3 के सामने सब्जी मार्केट में सफाई की. इस दौरान राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सभी लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, लेकिन बाहर कूड़ा-कचड़ा फेंक देते हैं। स्वच्छता को घर तक ही सीमित न रखें बल्कि सार्वजनिक स्थलों की स्वछता के प्रति भी सचेश्ट हों।  इस अवसर पर राँची नगर निगम की महापौर आशा  लकड़ा, नगर निगम के आयुक्त  मनोज कुमार, पार्षद गण समेत कई नागरिकगण उपस्थित थे।





स्वच्छ रखना ना केवल सरकार, निगम का बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी

 राज्यपाल ने कहा ये भी कहा  कि स्वच्छ रखना ना केवल सरकार, निगम का बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। स्वच्छ वातावरण भला किसे अच्छा नहीं लगता है। इसलिए स्वच्छता सर्वत्र होना चाहिये,  उन्होंने कहा कि झारखण्ड एवं राँची सुन्दरता के लिए जाना जाता है। लेकिन मुख्य मार्ग तो साफ रहता है लेकिन गलियाँ जाने पड़ गंदगी दिखती है, ऐसा नहीं होना चाहिये। इस प्रदेश  को इतना स्वच्छ रखें कि दूसरे इसे अनुकरणीय उदहारण के रूप में प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि राज भवन के गेट नम्बर 3 के सामने गंदगी की बातें सामने आती हैं। यहाँ के सभी सब्जी विक्रेताओं एवं आॅटो चालकों का दायित्व है कि वे स्वच्छता की दिसा  में पहल करें। इसे अपने व्यवहार में अपनायें। उन्होंने कहा कि गंदगी से कई प्रकार की बीमारियां फैलती हैं। यदि हम अपने आसपास स्वच्छता का ध्यान रखेंगे तो विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है।

सभी व्यक्ति को यह संकल्प ले न हम गंदगी करेंगे और न ही गंदगी करने देंगे
इस अवसर पर महापौर आशा  लकड़ा ने कहा कि सभी व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिये कि न हम गंदगी करेंगे और न ही गंदगी करने देंगे। उन्होंने कहा कि  राज भवन के गेट नंबर तीन के समीप शौचालय की सुविधा नगर निगम द्वारा कराया गया है, सभी सब्जी विक्रेता और आॅटो चालक इसका उपयोग करें। उन्होंने प्लास्टिक उपयोग नहीं करने हेतु भी कहा।

Share:

Saturday, September 29, 2018

आयुष्मान भारत योजना को झारखंड में रोल मॉडल बनाने में मदद करें- रघुवर दास

रांची - स्कीपा सभागार में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत के अंतर्गत राज्य के निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ सेमिनारक का आयोजन किया गया .इस दौरान मुख्य मंत्री ने कहा की  दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत की लॉन्चिंग झारखंड से की गई। यह हमारे राज्य और यहां के सवा तीन करोड़ जनता के लिए गौरव की बात है।.


अब हमें मिलकर इस योजना को जल्द से जल्द सफल बनाना है। इस योजना के क्रियान्वयन में झारखंड रोल मॉडल बने, इसके लिए हम सब को प्रयास। करना है लोग चर्चा करें कि आयुष्मान भारत के क्रियान्वयन को देखना है तो झारखंड जाए ऐसी व्यवस्था खड़ी करनी है। इससे हमारे राज्य का मान बढ़ेगा। इस योजना का लाभ गरीब, शोषित और वंचितों को मिलेगा। जन सहयोग से हम व्यवस्था को व्यवस्थित करने में सफल होंगे।

जल्द ही स्टेट हेल्थ एडवाइजरी कमिटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि  राज्य में योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जल्द ही स्टेट हेल्थ एडवाइजरी कमिटी बनाई जाएगी, जिसमें निजी अस्पतालों के संचालक भी प्रतिनिधि के रूप में शामिल होंगे। इस कमेटी के अंतर्गत एक टेक्निकल कमिटी भी होगी, जो योजना लागू करने में आ रही समस्याओं व अस्पतालों की समस्याओं पर चर्चा कर सुझाव देगी। इस कमेटी की बैठक हर माह होगी।एडवाइजरी कमेटी की अनुशंसा को राज्य सरकार लागू करेगी। जनहित में हर प्रकार का निर्णय लागू करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

सभी लाभुकों को इसका पूरा लाभ मिले


उन्होंने कहा कि जन सहयोग से व्यवस्था को अच्छी तरह से लागू किया जा सकता है। अस्पतालों की जो परेशानियां है, उसे दूर करने के लिए सरकार पूरी तरह से तत्पर है। उसी प्रकार सरकार अस्पताल से भी के योजना के तहत आने वाले सभी लाभुकों को इसका पूरा लाभ मिले, इसे सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि यह बहुत बड़ा कार्य है। बड़े कार्य को व्यवस्थित करने में कठिनाई आती है। शुरू में आलोचनाएं भी होंगी, लेकिन उससे घबराना नहीं है। आलोचना को अवसर बनाकर हमें काम करना है। हम मानते हैं कि अभी व्यवस्था में कमी है लेकिन हमारी सोच और हमारे इरादों में कमी नहीं है। मजबूत सोच और इरादों के साथ काम करने पर सफलता अवश्य मिलती है।

आरोग्य मित्र व मेडिकल कोऑर्डिनेटर  की भूमिका महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने अस्पताल संचालको से कहा कि मरीजों की मदद के लिए तैनात आरोग्य मित्र व मेडिकल कोऑर्डिनेटर को सही जानकारी दें। उन्हें मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने और उनकी हर प्रकार से मदद करने के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही इस बात का भी अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करें कि इस योजना का लाभ लेने के लिए गोल्डन कार्ड की जरूरत नहीं है। जिस किसी के पास भी राशन कार्ड है, वह राशन कार्ड ले जाकर अस्पताल में दिखाएं, योजना का लाभ लेने के लिए यही काफी है।


ऐसा कार्य करके जाएं आने वाली पीढ़ी आपको वर्षों तक याद रखें
इलाज में किसी प्रकार की कोताही ना हो, अस्पताल संचालकों से इस का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने कहा कि कभी कभी शिकायतें मिलती हैं कि जरूरत नहीं पड़ने पर भी मरीजों को अतिरिक्त दिन अस्पताल में ही भर्ती रखा जाता है। अतिरिक्त पैसे चार्ज किए जाते हैं। यह अनैतिक है। इससे धन तो मिलेगा, लेकिन साथी पीड़ित परिवार की आह भी लगेगी। ईमानदारी से धन कमाए और जो भी अधिक धन कमाए उसे गरीबों के कल्याण पर खर्च करें। इससे गरीबों का आशीर्वाद मिलेगा। सबसे बड़ी दौलत है यश। ऐसा कार्य करके जाएं आने वाली पीढ़ी आपको वर्षों तक याद रखें।

गरीबों के जीवन में बदलाव लाकर ही हमारा देश भारत विश्व गुरु बन सकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के बजट में पहले ही राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि राज्य के 57 लाख परिवारों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा किया जाएगा। इसी बीच केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत लांच की। जिसमें राज्य के 28 लाख परिवारों को उसका लाभ मिलना था। राज्य सरकार ने योजना में और 29 लाख परिवारों को शामिल किया और अब 57 लाख परिवारों को 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। यह गरीबों के लिए बहुत बड़ी सेवा होगी। स्वामी विवेकानंद ने भी कहा था कि गरीबों के जीवन में बदलाव लाकर ही हमारा देश भारत विश्व गुरु बन सकता है इसका प्रयास आयुष्मान भारत योजना से शुरू हो चुकी है।

हमारा राज्य आर्थिक विकास दर में पूरे देश में दूसरा स्थान रखता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक विकास हमारा राज्य आर्थिक विकास दर में पूरे देश में दूसरा स्थान रखता है। सुदूर क्षेत्र में रहने वालों को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिले इसके लिए सरकार गठन के बाद से ही हमने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जरूरतमंदों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हो इस निमित्त लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

पूरे देश में कैशलेस सुविधा मिले 
प्रधान सचिव स्वास्थ्य  निधि खरे ने कहा कि स्वास्थ्य को लेकर सुविधा प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। निजी अस्पतालों से 600 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इससे संबंधित जांच की जा रही है 57 लाख परिवार को पूरे देश में कैशलेस सुविधा मिले यह सुनिश्चित किया जा रहा है। अब अस्पतालों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह कैसे मरीजों को इस योजना से लाभान्वित करते हैं। योजना से राज्य की 85% आबादी आच्छादित है। निजी अस्पतालों के लिए यह अवसर है कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ दें। 164 निजी अस्पताल सूचीबद्ध हो चुके हैं, जहां मरीज इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

क्रांतिकारी कदम
बैठक में आईएमए के डॉ. अमर कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उठाया गया यह क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री के इस सपने को हम मिलकर साकार करेंगे योजना को लेकर कुछ विषयों पर संशय को सरकार द्वारा दूर कर निराकरण कर दिया गया है। राज अस्पताल के डॉ. योगेंद्र गंभीर ने कहा कि हेल्थ केयर को हम सस्ता करना चाहते हैं।

इस मौके पर मेडिका अस्पताल के अनिल कुमार, जैन अस्पताल बोकारो, मेधा अस्पताल देवघर के डॉ. निर्मल कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक श्री लक्ष्मण लाल और एनआईसी के प्रतिनिधियों ने एमओयू का आदान प्रदान किया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती निधि खरे, एनएचएम के प्रबंध निदेशक श्री कृपानंद झा, राज्य में आयुष्मान भारत के निदेशक श्री दिव्यांशु झा, नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस के श्री डीएस पिंटे समेत बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों के संचालक उपस्थित थे।

Share:

Friday, September 28, 2018

झारखंड केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन से जुड़ी प्रदेश की सभी दवा दुकानें बंद


रांची- ऑनलाइन फॉर्मेसी को नियमित करने के खिलाफ एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का झारखंड में भी खासा असर देखने को मिला। झारखंड केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन से जुड़ी प्रदेश की सभी दवा दुकानें बंद है।
हालांकि राज्यभर के विभिन्न हिस्सों में एसोसिएशन से अलग रहने वाले दवा दुकान संचालकों ने अपनी दुकानें खुली रखी।
दुकाने बंद रही 
एसोसिएशन के महासचिव अमर कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य की करीब 18 हजार दवा दुकानें बंद है। दवा दुकान बंद रहने से मरीज और उनके परिजन खासा परेशान दिखे। हालांकि इमरजेंसी दवाओं की आपूर्ति सुचारू रखने की व्यवस्था की गयी थी।
राजस्व का हुवा नुकशान 
इस बंदी से सरकार को करीब 500 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है।  एसोसिएशन की ओर से दवा की ऑनलाइन मार्केटिंग पर आपत्ति जतायी गयी है। जब तक फार्मासिस्टों का शोषण बंद नहीं होगा  तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अगर दवा दुकानदारों को परेशान किया गया या उनके रजिस्ट्रेशन को रद्द करने की बात होगी तो वो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

Share:

Wednesday, September 26, 2018

28 को बंद रहेंगी राज्य की सभी दवा दुकानें

रांची - झारखंड केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन से जुड़ीं प्रदेश की सभी दवा दुकानें 28 सितंबर को बंद रहेंगी। झारखंड फार्मेसी काउंसिल द्वारा बिहार फार्मेसी काउंसिल से निबंधित फार्मासिस्टों का निबंधन समाप्त करने के फैसले के खिलाफ यह निर्णय लिया गया है। बंदी से सरकार को करीब 500 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। 
एसोसिएशन के महासचिव अमर कुमार सिन्हा ने बताया कि निबंधन समाप्त करने के पीछे सुप्रीम कोर्ट का हवाला दिया जा रहा है। जबकि ऐसा कोई आदेश है ही नहीं। साथ ही दवा की ऑनलाइन मार्केटिंग पर भी आपत्ति जतायी। संघ के अध्यक्ष एसके प्रधान ने बताया कि जब तक फार्मासिस्टों का शोषण बंद नहीं होगा, तब तक यह आंदोलन चलेगा। .
उन्होंने आगे बताया कि अगर उन्हें परेशान किया गया या उनके रजिस्ट्रेशन को रद्द करने की बात होगी तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे मरीजों को तो परेशानी होगी, साथ ही सरकार के राजस्व में भी कमी आएगी। प्रदेश में कुल 1800 दवा दुकानें व होल सेलर हैं, एक साथ सभी दवा दुकानों के बंद होने से मरीज बुरी तरह प्रभावित होंगे। इसकी जानकारी होने के बावजूद काउंसिल चुप्पी साधे हुए है। इन मामले को लेकर कई बार मुख्यमंत्री और स्वास्थ्यमंत्री से मुलाकात की गई, लेकिन हर बार मामले को लटका दिया गया।फार्मासिस्ट के निबंधन के प्रति सरकार भी काफी उदासीन है, जिससे दवा दुकाने बंद होने के कगार पर है। .
Share:

Monday, September 24, 2018

लालू का शुगर, डॉक्टर चिंतित


रांची - बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बढ़ते ब्लड शुगर को देखते हुए चिकित्सकों ने  इंसुलिन की मात्रा में बढ़ोतरी की है। दो यूनिट इंसुलिन बढ़ाया गया है। डॉ  उमेश प्रसाद ने बताया कि सुबह 40 यूनिट और शाम में 16 यूनिट इंसुलिन दी जा रही है। बढ़ोतरी सुबह के डोज में की गई है। लालू का शुगर बढ़कर 232 पहुंच गया है। इसे लेकर चिकित्सक भी चिंतित हैं। 


शुक्रवार को आया था चक्कर, गिरते-गिरते बचे थे

लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को लगातार चक्कर आने के कारण जमीन पर गिरते-गिरते बचे थे। उस समय डॉक्टरों ने रक्तचाप सामान्य पाया था लेकिन शुगर अनियंत्रित था। 

Share:

आयुष्मान भारत के तहत रिम्स में हुए 12 मरीजों का ऑपरेशन

रांची - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार को राजधानी से आयुष्मान भारत की शुरुआत करने के साथ ही रिम्स में 12 मरीजों का ऑपरेशन किया गया। इन सभी मरीजों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिला। जिसमें इनका एक दिन पहले ही निबंधन कराकर गोल्डेन कार्ड दिया गया था। इन मरीजों में जेनरल सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी, ईएनटी, कार्डियोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग में सभी उम्र के मरीज भर्ती हैं। रिम्स के डॉ प्रशांत, डॉ विनोद कुमार, डॉ हिरेंद्र बिरूआ, डॉ पीके सिंह, डॉ अरशद जमाल, डॉ विजय, डॉ एमके राय, डॉ जिवेश, डॉ अजित सिंह, डॉ रितू, डॉ अभिषेक, डॉ राणा प्रताप, डॉ कृष्ण, डॉ अफ्ताब, डॉ मनोज आदि अपने-अपने विभागों के ऑपरेशन में शामिल हुए। 


कार्डियो में एक घंटे में दो एंजियोप्लास्टी हुई
इस योजना के अंतर्गत कार्डियोलॉजी विभाग में एक घंटे में दो मरीजों का एंजियोप्लास्टी किया गया। एंजियोप्लास्टी करने वाले डॉ प्रशांत ने बताया कि रिम्स ने रविवार को एक नया इतिहास रचा है। पहली बार रिम्स में दो मरीजों का सफल एंजियोप्लास्टी करना बड़ी बात है। इसमें से एक मरीज मो मियां कोडरमा और दूसरा बच्चू लाल रजरप्पा के निवासी हैं। 
Share:

KARATE TRAINING

KARATE TRAINING